श्रीलंका में भारत के पूर्व उच्चायुक्त (2018-2020) रह चुके जहरान फर्नांडो ने कच्छातीव द्वीप के मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत श्रीलंका की समुद्री सीमा का उल्लंघन करता है, तो इसे कोलंबो की संप्रभुता का उल्लंघन माना जाएगा।

फर्नांडो ने यह भी कहा कि भाजपा की तमिलनाडु में बहुत पकड़ नहीं है, “इसलिए इस मुद्दे को उठाकर वो वहां वोट जुटाने की कोशिश कर रही है।”
गौरतलब है कि कच्छातीव द्वीप मछली पकड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसको लेकर भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। 1974 में हुए एक समझौते के तहत इस द्वीप को श्रीलंका को दे दिया गया था, लेकिन भारतीय मछुआरों को वहां मछली पकड़ने का अधिकार दिया गया था। हालांकि, हाल ही में भारतीय मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि भारत द्वीप को वापस लेने पर विचार कर रहा है।
फर्नांडो की चेतावनी से भारत और श्रीलंका के बीच के रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है। दोनों देशों को इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए।




