उत्तराखंड के 1845 शहीद सैनिकों के पैतृक गांवों में स्थापित होंगी मूर्तियां ।
देहरादून : उत्तराखंड देवभूमि के साथ ही सैन्य भूमि के रूप में पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखा है और उत्तराखंड के हर गांव के हर घर से एक व्यक्ति भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ देता है । उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखण्ड के शहीद सैनिकों के बलिदान के सम्मान में प्रदेश के 1845 शहीद सैनिकों की मूर्तियाँ स्थापित उनके गाँव में करने का निर्णय लिया है । कर्नल अजय कोठियाल ने बताया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के सम्मान में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इस पहल से शहीद सैनिकों की स्मृतियां सदैव जीवंत रहेंगी और युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सभी ज़िलों में लगभग 1845 शहीद सैनिकों की मूर्तियाँ उनके पैतृक गाँव में स्थापित की जाएंगी ।
बाइट – कर्नल अजय कोठियाल, अध्यक्ष ,उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद