गरीबी के आंकड़ों का गलत विश्लेषण और नीति निर्माताओं की उदासीनता बढ़ा सकती है असमानता का संकट
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गरीबी के आंकड़ों के गलत विश्लेषण और नीति निर्माताओं की उदासीनता भारत के बढ़ते असमानता संकट को और भी खराब कर सकती है। उनका कहना है कि गरीबी के आधिकारिक आंकड़े वास्तविक स्थिति को दर्शाने में विफल हो रहे हैं, जिससे शोषित…
Read Moreब्रिटिश राज से भी ज्यादा, अब शीर्ष 1% भारतीयों की राष्ट्रीय आय में हिस्सेदारी
एक चौंकाने वाले आंकड़े के अनुसार, भारत के शीर्ष 1% धनाढ्य लोगों की राष्ट्रीय आय में हिस्सेदारी अब ब्रिटिश राज से भी ज्यादा हो गई है। वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब (World Inequality Lab) के अनुसार, 2022-23 में, भारत के शीर्ष 1% लोगों की आय राष्ट्रीय आय का 22.6%…
Read More