मुख्यालय, उत्तराखंड: उत्तराखंड पुलिस ने चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सुश्री पी. रेणुका देवी, पुलिस उप महानिरीक्षक के नेतृत्व में सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

राज्य में वर्तमान में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है, जिसमें देश-विदेश से लाखों की संख्या में यात्री एवं श्रद्धालुओं का रेल परिवहन के माध्यम से आगमन होता है। इस समय में रेलगाड़ियों में भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, कानून एवं सुरक्षा की व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को अतिरिक्त सर्तकता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के तहत, पर्यटन पुलिस सहायता केन्द्र देहरादून, हरिद्वार, लक्सर और काठगोदाम में स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में प्रशिक्षित कर्मियों को 8-8 घंटे की ड्यूटी के लिए नियुक्त किया जाएगा और चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को मार्गों की जानकारी और मार्ग पर होने वाले होटल, धर्मशाला, मंदिर, अस्पताल, बस, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, आपातकालीन सहायता नंबर आदि की जानकारी प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा, पर्वतीय मार्गों में भू-स्खलन और अन्य कारणों से सड़कों और मोटर मार्गों का अवरोध हो जाता है, इसलिए यात्रीगण को स्टेशन पर ही सूचना दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, ट्रेनों में यात्री सामान की चोरी, जहरखोरी, मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए और रेलवे स्टेशनों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। रेलवे ट्रैक्स पर पेट्रोलिंग और स्टेशन परिसर में चैकिंग के लिए बी0डी0एस0 और डॉग स्क्वॉड की चैकिंग के साथ-साथ पार्किंग की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
अतिरिक्त ट्रेन चलाने और टिकट काउंटर स्थापित करने के लिए रेलवे विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर भगदड़ न हो इसके लिए यात्रीगण को लाउडहेलर के माध्यम से सम्बोधित किया जाएगा और ट्रेनों की छतों, प्रवेश द्वार, इंजन वाले भाग पर यात्रा न करने और बाहरी व्यक्तियों की पहचान की कार्यवाही की जाएगी।
उत्तराखंड पुलिस ने यात्रीगण की सुरक्षा में वृद्धि करने के लिए इन सभी कदमों को उठाया है। इसके साथ ही मीडिया सेल के माध्यम से यात्रियों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

