शीर्ष अदालत ने दिल्ली में रोजाना 3,800 टन कचरे के अनुपचार को लेकर जताई कड़ी नाराजगी
शीर्ष अदालत ने दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले 3,800 टन ठोस कचरे के ढेरों को लेकर कड़ी चिंता जताई है. अदालत ने इस स्थिति को “भयानक” बताया है.

हर रोज निकलने वाले इतने बड़े पैमाने पर कचरे का उपचार नहीं किया जा रहा है. इसका मतलब ये है कि यह कचरा शहर भर में लैंडफिल साइटों पर जमा हो रहा है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है.
यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस ज्वलंत समस्या का समाधान निकाला जा सकेगा.