नई दिल्ली, 18 फरवरी 2025:
केंद्र सरकार ने पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान जारी किया है। यह अनुदान ग्रामीण शासन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उत्तराखंड को मिला 93 करोड़ रुपये का अनुदान
उत्तराखंड को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत 93.96 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। यह राशि पंचायतों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए दी जाएगी, जिसमें स्वच्छता, जल आपूर्ति, और कचरा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को सुनिश्चित करना शामिल है।
पंजाब और छत्तीसगढ़ को भी जारी हुआ अनुदान
पंजाब के लिए 225.17 करोड़ रुपये की अप्रतिबंधित अनुदान की पहली किस्त जारी की गई है, जो राज्य की 13,144 ग्राम पंचायतों, 146 ब्लॉक पंचायतों और 22 जिला पंचायतों को वितरित की जाएगी। इसी तरह, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण निकायों के लिए 237.13 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी की गई है, जबकि 6.97 करोड़ रुपये की राशि पहली किस्त के रूप में जारी की गई थी।
अनुदान का उपयोग
यह अनुदान पंचायतों और ग्रामीण स्थानीय निकायों (पीआरआई/आरएलबी) को उन क्षेत्रों में खर्च करने के लिए प्रदान किया जाता है, जो संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निर्धारित 29 विशिष्ट क्षेत्रों से संबंधित हैं। इनमें मुख्य रूप से स्वच्छता, ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्ति) की स्थिति बनाए रखना, घरेलू कचरे का प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाएं शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने इन अनुदानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, ताकि पंचायतों और स्थानीय निकायों के कार्यों में सुधार हो और उनकी सेवाएं ग्रामीण जनसंख्या तक पहुंच सकें।