हरिद्वार, 28 मार्च:
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को सिडकुल हरिद्वार में आयोजित आईटीसी सुनहरा कल के ग्रेजुएशन सेरेमनी में प्रमुख रूप से हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 600 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रमाण पत्र वितरित किए और बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की सीख देने की अहमियत पर जोर दिया।
रेखा आर्या ने कार्यक्रम में कहा, “अपनी बेटियों को जन्म के साथ ही सशक्त बनाने की शुरुआत करिए और उन्हें रोटी, कपड़ा, मकान जैसी मूल आवश्यकताओं की पूर्ति में आत्मनिर्भर बनने की सीख दीजिए।” मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बेटियों का सशक्तिकरण उनके जन्म से ही होना चाहिए, ताकि वे जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें।
मंत्री ने आईटीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने पिछले दो वर्षों में 600 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है, जो अन्य संस्थाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने देवभूमि की अशक्त महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हाल ही में एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है।
कार्यक्रम में विधायक आदेश चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार कर रही है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण विभाग की सक्रियता की सराहना की।
इस मौके पर शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, आईटीसी के जनरल मैनेजर सुरजीत सिंह, एचआर हेड अल्ताफ हुसैन, और जिला खेल अधिकारी हरिद्वार शबाली गुरुंग समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आईटीसी के प्रयासों और सरकार की योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, जो उन्हें बेहतर भविष्य की ओर मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं।