
देहरादून- उत्तराखंड में चल रही जल जीवन मिशन में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे है । स्वाभिमान मोर्चा के महासचिव मोहित डिमरी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर पेयजल निगम के अधिकारियों पर 450 से 500 करोड़ के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है । डिमरी ने आरोप लगाते हुए कहा उत्तराखंड में जल जीवन मिशन अब नल कमीशन मिशन बन कर रह गया है और पहाड़ के लोग आज भी जल संकट से जूझ रहे है । उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा की यूनीप्रो टैक्नो नामक कंपनी को 372 करोड़ के 17 प्रोजेक्ट देना अपने आप में बड़े सवाल खड़े करता है , कंपनी ने मानकों में ढिलाई बरती और कई प्रोजेक्ट्स अभी भी अधूरे पड़े है और दूसरी तरफ़ इस कंपनी को हल्द्वानी में भी 100 करोड़ के प्रोजेक्ट दिए जाने की तैयारी चल रही है । वहीं मोहित डिमरी ने मुख्य अभियंता मुख्यालय ,गढ़वाल अभियंता,कुमाऊँ अभियंता समेत प्रबंधक निदेशक की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए मुख्य अभियंता संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा संजय सिंह हरियाणा की यूनीप्रो टैक्नो कंपनी में स्लीपर पार्टनर के रूप में निवेश किया है जिसके प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं, उक्त दस्तावेज में संजय सिंह की इंद्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी में पैंसों की लेन देन की बात भी मोहित डिमरी ने कही है ।
मोहित डिमरी ने बताया गढ़वाल अभियंता ने गढ़वाल संभाग में कार्यदाई कंपनी की जाँच की जिसमे उन्होंने ने कई खामिया और अनिमियताएँ बताकर अपनी जाँच रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपी और कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का भी सुझाव दिया था लेकिन प्रबंध निदेशक की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई ।
मोहित डिमरी ने आरोप लगाते हुए कहा अधिकारियों की सांठ गाँठ के चलते जल जीवन मिशन में स्थानीय ठेकेदारों को कार्य नहीं दिया जा रहा है और बाहरी लोगों को ठेके दिए जा रहे और प्रदेश के ठेकेदारों की उपेक्षा की जा रही है ।
डिमरी ने बताया गढ़वाल मंडल में नवासु खेड़ा खाल,क्विला खाल सौंधा,चोपता पंपिंग योजना समेत कई योजनाएँ अधर में लटकी पड़ी है और पहाड़ में जल आपूर्ति करने के सरकारी दावे फ़ेल साबित हो रहे हैं ।
डिमरी ने कहा अगर भ्रष्ट अधिकारियों की जाँच नहीं की गई और उन्हें दंडित नहीं किया गया तो सड़कों पर आंदोलन होगा और संबंधित सचिव और मंत्री से भी मुलाक़ात कर सख़्त करवाई की माँग की जाएगी ।

