
देहरादून, उत्तराखंड।
भारत में सस्टेनेबल एग्रीटेक एजुकेशन को नई दिशा देने के उद्देश्य से GRASP (ग्रीन रिसर्च एंड सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम) और GIC गवर्नमेंट इंटरकॉलेज (किशनपुर, देहरादून) की संयुक्त टीम ने अपना पांचवां हाइड्रोपोनिक वर्टिकल फार्म सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह कार्यक्रम 31 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे GIC गवर्नमेंट इंटरकॉलेज परिसर में आयोजित किया गया।
GRASP एक इंटरनेशनल स्टूडेंट-ड्रिवन पहल है, जो पर्यावरणीय नवाचार, सस्टेनेबिलिटी और समान विकास के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर GRASP के फाउंडर आर्यन शर्मा ने कहा,
“हम सिर्फ़ पौधे नहीं उगा रहे हैं—हम ज्ञान, स्किल और भविष्य के अवसर भी विकसित कर रहे हैं।”
यह नया हाइड्रोपोनिक वर्टिकल फार्म GRASP के मिशन का पांचवां संस्थागत पड़ाव है, जिसका उद्देश्य भारत से शुरुआत करते हुए उन क्षेत्रों तक प्रैक्टिकल ग्रीन टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल खेती को पहुँचाना है, जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। यह फार्म न केवल एक आधुनिक शैक्षणिक प्रयोगशाला के रूप में काम करेगा, बल्कि छात्रों और स्थानीय समुदाय के लिए एक उपयोगी संसाधन भी बनेगा।
GRASP के अनुसार, इस पहल के ज़रिए छात्रों को हाइड्रोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग और पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा, जिससे भविष्य में रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रकृति के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
इस इवेंट को सफल बनाने में GIC गवर्नमेंट इंटरकॉलेज के प्रिंसिपल श्री बी.एस. नेगी, रिटायर्ड चीफ इंजीनियर श्री कृपाल सिंह, जाने-माने इंडस्ट्रियल इंजीनियर व एजुकेशनिस्ट श्री ए.के. शर्मा, और GRASP के फाउंडर आर्यन शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
GRASP ने इस आयोजन के लिए GIC गवर्नमेंट इंटरकॉलेज का आभार व्यक्त करते हुए यह विश्वास दिलाया कि संगठन आगे भी छात्रों के बीच सस्टेनेबल एग्रीटेक्नोलॉजी की शिक्षा और जागरूकता को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा।


