देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है। यह निर्णय अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी यही प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही सरकार ने बिना किसी विलंब के पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT की गहन विवेचना के बाद सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और उनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई। प्रभावी और सशक्त पैरवी के चलते विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी।
निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूरी होने के बाद अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मुख्यमंत्री ने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण में निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया निरंतर जारी है। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी। हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने CBI जांच कराने का अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI जांच कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने पुनः दोहराया कि सरकार पहले भी न्याय के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी संवेदनशीलता एवं दृढ़ता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।
अंकिता भंडारी प्रकरण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की दी संस्तुति
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