
देहरादून | 20 जनवरी 2026
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को देहरादून और ऋषिकेश के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करते हुए अवैध भवनों को सील किया और कई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। एमडीडीए ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इन क्षेत्रों में हुई बड़ी कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम ने अलग-अलग जोन में शिकायतों और चिन्हित किए गए अवैध स्थलों पर बुलडोजर चलाया:
सहस्त्रधारा रोड: कुल्हान स्थित पैसिफिक गोल्फ के पास कुलदीप द्वारा किए गए अवैध निर्माण को टीम ने सील कर दिया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेश पर सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और अवर अभियंता विदिता कुमारी की देखरेख में हुई।
ऋषिकेश: वीरभद्र रोड पर शिव मंदिर के पास भावेश जोशी और अन्य द्वारा बनाए गए अवैध आवासीय भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज और अवर अभियंता पूनम सकलानी मौजूद रहे।
आरकेडिया ग्रांट: देहरादून के इस क्षेत्र में मकबूल इरफान और अरविंद मनोडी द्वारा करीब 16 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत और अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल मौजूद रहे।

नियम तोड़ने वालों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि शहर का नियोजित विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अवैध प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे शहर के पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं, सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले नोटिस जारी किए जाते हैं और उसके बाद ही सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी निर्माण से पहले एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृत जरूर कराएं।
एमडीडीए की अपील: नागरिक किसी भी प्रकार के विवाद या आर्थिक नुकसान से बचने के लिए केवल स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही निर्माण कार्य करें।


