
देहरादून, 29 जनवरी 2026: मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और मिसाल पेश करते हुए 45 वर्षीय एक महिला को नया जीवन दिया है। हरिद्वार के पास हुए एक सड़क हादसे में महिला की सांस की नली (विंडपाइप) लगभग पूरी तरह फट गई थी, जिसे डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी के जरिए ठीक किया।
कैसे हुआ हादसा?
हरिद्वार निवासी 45 वर्षीय स्कूल टीचर पूनम मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर जा रही थीं। इसी दौरान उनका दुपट्टा बाइक के पिछले पहिए में फंस गया। दुपट्टा फंसने से उनकी गर्दन पर जबरदस्त खिंचाव आया, जिससे उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ती देख उन्हें बेहतर इलाज के लिए मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून रेफर कर दिया गया।
अस्पताल पहुंचने पर गंभीर थी स्थिति
मैक्स हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पाया कि मरीज के सिर और गर्दन में चोटें थीं। उनकी त्वचा के नीचे और सीने में हवा भर गई थी (एयर लीकेज), जो सांस की नली में गंभीर चोट का संकेत था। अगले 24 घंटों में मरीज को सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होने लगी।
विस्तृत सीटी स्कैन से पुष्टि हुई कि गर्दन के खिंचाव के कारण मरीज की विंडपाइप लगभग पूरी तरह फट चुकी थी। डॉक्टरों के अनुसार, यह एक अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा चोट है, जिसमें अगर तुरंत इलाज न मिले तो मरीज की जान जा सकती है।
जटिल सर्जरी और डॉक्टरों का प्रयास
इस चुनौती को स्वीकार करते हुए डॉ. अरविंद मक्कर (डायरेक्टर – कार्डियक, थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी) के नेतृत्व में एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम गठित की गई। इस टीम में सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. इरम खान भी शामिल थे। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए फटी हुई विंडपाइप को जोड़ने के लिए इमरजेंसी सर्जरी की।
सर्जरी के बाद की चुनौतियों का जिक्र करते हुए डॉ. अरविंद मक्कर ने बताया, “शुरुआती रिकवरी के बाद मरीज के गले में सूजन आ गई थी और सीने में हवा का रिसाव होने लगा था। हमने तुरंत एक अस्थायी ट्रेकियोस्टोमी (विंडपाइप में छोटा छेद) करने का निर्णय लिया। इससे मरम्मत किए गए हिस्से पर दबाव डाले बिना मरीज को सुरक्षित रूप से सांस लेने में मदद मिली।”
त्वरित निर्णय से बची जान
डॉ. अरविंद मक्कर ने आगे कहा, “विंडपाइप की चोटें बहुत दुर्लभ होती हैं और इनका डायग्नोसिस व मैनेजमेंट दोनों ही मुश्किल होता है। इस केस में एयरवे लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। यह सफल परिणाम केवल सही समय पर लिए गए फैसलों, एडवांस्ड सर्जरी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है। मरीज अब ठीक हो रही हैं और उन्हें सामान्य जीवन में लौटते देखना पूरी टीम के लिए संतोषजनक है।”
मैक्स हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट और अनुभवी मेडिकल टीम ऐसी जटिल और दुर्लभ इमरजेंसी स्थितियों को संभालने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

