
देहरादून।
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत उत्तराखण्ड राज्य में प्री-एसआईआर (Special Intensive Revision) गतिविधियां तेजी से संचालित की जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में प्रदेशभर में बीएलओ आउटरीच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक मतदाता तक पहुंच, समन्वय और संवाद स्थापित करना है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने जानकारी दी कि इस अभियान के पहले चरण में प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है। प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ, ईआरओ और पूरी निर्वाचन मशीनरी ने उत्साहपूर्वक इस कार्य को अंजाम दिया है।

उन्होंने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान का दूसरा चरण 1 फरवरी 2026 से प्रारंभ किया जाएगा, जो 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस चरण में युवा एवं महिला मतदाताओं की मैपिंग पर विशेष फोकस रखा जाएगा, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन हो सके।
2003 की मतदाता सूची से हो रही है मैपिंग
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्री-एसआईआर फेज के अंतर्गत वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे इस अभियान में अपने बीएलओ का पूरा सहयोग करें।

मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। यहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, स्वयं के नाम या पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक और बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्ला और क्षेत्र के नाम से खोज की सुविधा भी प्रदान की गई है।
राजनीतिक दलों से बीएलए नियुक्त करने की अपील
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अपील की गई है। वर्तमान में प्रदेश में 12,070 बीएलए की नियुक्ति हो चुकी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से शत-प्रतिशत बीएलए नियुक्त करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।


