
मां के संस्कारों से ही तय होता है समाज के उत्थान और पतन का रास्ता: भावना
देहरादून । वार्ड संख्या-96 में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करना और सामाजिक एकता को सशक्त बनाना था।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए भावना ने मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “मां के संस्कारों से ही समाज के विकास और पतन का रास्ता तय होता है। मां जैसे संस्कार देगी, बच्चा वैसे ही संस्कार समाज को देगा। यदि संस्कार अच्छे होंगे, तो निश्चित तौर पर एक सुंदर समाज का निर्माण होगा।” उन्होंने शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से समाज को मजबूत बनाने की बात कही, साथ ही राष्ट्र निर्माण में महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

एकता ही समाज की शक्ति: कलीराम कार्यक्रम में अपने ओजस्वी संबोधन में कलीराम भट्ट ने कहा कि हिंदू समाज की असली शक्ति उसकी एकता में निहित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज अपने संस्कारों, परंपराओं और संस्कृति को पहचानते हुए एकजुट होकर आगे बढ़े। उन्होंने युवाओं से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

वहीं, भगवती थपलियाल ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज सदैव ‘सर्वजन हिताय’ की भावना से आगे बढ़ा है और इसी विचारधारा को निरंतर आगे ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और आपसी सद्भाव बनाए रखने पर बल दिया।
सामाजिक चेतना का विस्तार: शिव प्रसाद कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिव प्रसाद खाली ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। इनसे सामाजिक चेतना का विस्तार होता है और संगठन मजबूत होता है।

ये रहे उपस्थित सम्मेलन के अंत में समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर गौरी रौतेला, संगीत रावत, अनिता बिष्ट, अंजू गैरोला, अनिता गुसाईं, विजय सेमवाल, आशीष कण्डारी, नन्द कुमार, सूर्य भट्ट, खिलाफ गढ़िया, हरेंद्र कण्डारी, विश्वास रावत, देवेन्द्र नेगी, खिलाफ बिष्ट, भरत भण्डारी और कुंवर कण्डारी सहित अनेक कार्यकर्ता व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


