उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा SSC MTS परीक्षा में नकल गिरोह का भंडाफोड़
देहरादून। मा० मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए SSC मल्टी टास्किंग (Non-Technical) स्टाफ एवं हवलदार (CBIC/CBN) भर्ती परीक्षा-2025 में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
भारत सरकार द्वारा दिनांक 13 फरवरी 2026 को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की इस परीक्षा में उत्तराखण्ड के देहरादून स्थित एक परीक्षा केंद्र पर आधुनिक तकनीक के माध्यम से नकल कराए जाने का खुलासा हुआ।
अंडरग्राउंड चैंबर से संचालित हो रही थी नकल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ उत्तरप्रदेश और उत्तराखण्ड की संयुक्त टीम ने देहरादून के महादेव डिजिटल जोन, एम.के.पी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दबिश दी।
जांच के दौरान परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस कक्ष में 24×24 इंच का अंडरग्राउंड चैंबर (गड्ढा) बनाकर उसमें दो लैपटॉप और एक राउटर स्वचालित अवस्था में संचालित पाए गए। इन उपकरणों को रिमोटली संचालित कर अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र हल कराए जा रहे थे।
एसटीएफ टीम ने तकनीकी एवं फॉरेंसिक उपकरणों की सहायता से सिस्टम को कब्जे में लेकर सील कर दिया।
10 लाख रुपये में पास कराने का सौदा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर प्रत्येक से 10 लाख रुपये की मांग करता था। अत्याधुनिक तकनीक के जरिए उनके कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जाते थे।
इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है:
- नीतिश कुमार पुत्र चन्द्रभान गौड़, निवासी भाटपार रानी देवरिया (उ.प्र.), हाल निवासी नागलोई दिल्ली
- भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चन्द्र नैथानी, निवासी नथुवावाला, देहरादून
बरामदगी
एसटीएफ ने मौके से निम्न उपकरण बरामद किए:
- 02 Dell लैपटॉप
- 01 डीजिसोल राउटर
- 02 ईथरनेट केबल (कैट-06)
- 01 जेब्रोनिक्स यूएसबी टू ईथरनेट एडेप्टर
- PNT केबल कनेक्टिंग बॉक्स
- 04 मोबाइल फोन
सख्त कानून के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
अभियुक्तों के विरुद्ध कोतवाली देहरादून में मु.अ.सं. 58/2026 के तहत उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 की विभिन्न धाराओं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।
मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देशों पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड द्वारा परीक्षाओं में नकल पर प्रभावी रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ ने पदभार संभालते ही संगठित नकल गिरोहों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे। उसी क्रम में एसटीएफ द्वारा लगातार इनपुट विकसित कर कार्यवाही की जा रही है।
सह-अभियुक्तों की तलाश में पुलिस टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश और छापेमारी जारी है।
यह कार्रवाई राज्य में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

