देहरादून में प्राथमिक शिक्षा निदेशक से बातचीत के दौरान कथित समर्थकों द्वारा निदेशक पर जानलेवा हमले और उसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज होने के मामले में भाजपा के रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ पहली बार मीडिया के सामने आए।
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक काऊ ने घटना को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और यदि किसी को ठेस पहुंची है तो वे खेद प्रकट करते हैं। हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वे अपने पक्ष की दर्ज एफआईआर वापस लेंगे, तो उन्होंने साफ कहा कि जब तक शिक्षा निदेशक की ओर से दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक वे भी अपनी एफआईआर वापस नहीं लेंगे।
प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों ने मौके पर कथित रूप से मौजूद एक हिस्ट्रीशीटर को लेकर भी सवाल उठाए। इस पर विधायक ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और उन्होंने इस मुद्दे से अपना पल्ला झाड़ लिया।
जैसे-जैसे सवालों की तीव्रता बढ़ती गई, माहौल भी गर्माता गया। लगातार हो रहे तीखे सवालों के बीच भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ अचानक प्रेस वार्ता बीच में ही छोड़कर चले गए।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। शिक्षा निदेशक प्रकरण और एफआईआर को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

