
देहरादून:
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्तराखण्ड में गैस एवं ईंधन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और संभावित चुनौतियों के समाधान के लिए शनिवार, 28 मार्च 2026 को मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में घरेलू गैस, व्यावसायिक गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, उर्वरक, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) विस्तार, चारधाम यात्रा और आपूर्ति तंत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में समस्त प्रमुख सचिव/सचिव, पुलिस महानिदेशक, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल आयुक्त, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने भाग लिया।
घरेलू गैस आपूर्ति लगभग सामान्य, अस्पताल और स्कूलों को नियमित आपूर्ति
बैठक में ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी (एलपीजी) श्री स्वर्ण सिंह ने बताया कि राज्य में घरेलू गैस की आपूर्ति लगभग सामान्य बनी हुई है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्थिति को सामान्य बताया।
सभी जिलाधिकारियों ने भी अपने-अपने जनपदों में घरेलू गैस आपूर्ति को सामान्य बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम हो रही है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कम आपूर्ति को देखते हुए मुख्य सचिव ने ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी 40 प्रतिशत नई एसओपी के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारियों ने भी मांग की कि इस श्रेणी में आपूर्ति बढ़ाई जाए ताकि स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पेट्रोल-डीजल और उर्वरक का स्टॉक सामान्य
राज्य स्तरीय समन्वयक, आईओसीएल ने बैठक में बताया कि राज्य में डीजल और पेट्रोल का स्टॉक एवं आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। जिलाधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जनपदों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है।
वहीं, कृषि विभाग की ओर से अपर सचिव ने जानकारी दी कि राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनी हुई है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उर्वरक का वितरण निर्धारित सीमा के भीतर ही किया जाए और किसी भी स्थिति में इसका दुरुपयोग न होने पाए।
चारधाम यात्रा 2026 के लिए अतिरिक्त गैस आपूर्ति की तैयारी
बैठक में आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी के जिलाधिकारियों ने बताया कि 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है, जिसके चलते व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की अतिरिक्त मांग उत्पन्न होगी।
इस पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और व्यावसायिक गैस की अतिरिक्त मांग का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाए। साथ ही ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर पिछले वर्ष की मांग से अधिक व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सचिव, पर्यटन को भी निर्देश दिए गए कि संबंधित जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर वास्तविक मांग और समाधान से जुड़ा प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
गैस के विकल्प के तौर पर लकड़ी, सोलर, पिरूल ब्रिकेट्स और बायोफ्यूल पर जोर
मुख्य सचिव ने गैस आपूर्ति के वैकल्पिक विकल्पों पर भी जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि लकड़ी, सोलर ऊर्जा, पिरूल (ब्रिकेट्स), इंडक्शन और बायोफ्यूल के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजना बनाई जाए और आवश्यक कार्यवाही की जाए।
यह कदम भविष्य में गैस आपूर्ति पर दबाव कम करने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीएनजी विस्तार को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने के निर्देश
पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) विस्तार के संबंध में गेल गैस के नोडल अधिकारी/जीएम ने बताया कि राज्य की पांचों सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) नेटवर्क कंपनियों को सभी जनपदों में एनओसी मिल चुकी है। अब सभी कंपनियां युद्धस्तर पर पाइपलाइन बिछाने और नए कनेक्शन जारी करने का कार्य कर रही हैं।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से पीएनजी विस्तार कार्य की समीक्षा करें और जहां भी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाने और तस्करी रोकने के निर्देश
बैठक में सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अहम निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर निगरानी (सर्विलांस) बढ़ाई जाए ताकि गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की तस्करी रोकी जा सके।
साथ ही, खाड़ी देशों में रह रहे अप्रवासी उत्तराखण्डियों की सहायता के लिए एक टोल फ्री नंबर जारी करने का सुझाव भी सामने आया, जिस पर सकारात्मक विचार किया गया।
शादी समारोह के लिए दो अस्थायी गैस कनेक्शन देने का फैसला
बैठक में एक महत्वपूर्ण सुझाव यह भी सामने आया कि शादी समारोहों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर विशेष व्यवस्था की जाए। विचार-विमर्श के बाद मुख्य सचिव ने ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए कि शादी के अवसर पर दो अस्थायी गैस कनेक्शन जारी किए जाएं।
यह फैसला विशेष रूप से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शादी-ब्याह के दौरान होने वाली गैस संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
सप्लाई चेन की लगातार निगरानी और प्रवर्तन के निर्देश
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि एलपीजी और ईंधन की सप्लाई चेन की लगातार समीक्षा, नियमित प्रवर्तन और स्थानीय स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी, जमाखोरी या अव्यवस्था को समय रहते रोका जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव, खाद्य श्री एल. फैनई, प्रमुख सचिव, ऊर्जा श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव खाद्य श्री आनंद स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, कुमाऊं मंडल आयुक्त, समस्त जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।


