देहरादून। राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित फायरिंग कांड का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह घटना महज रोड रेज नहीं थी, बल्कि एक दिन पहले बार में हुए विवाद की परिणति थी। दोनों पक्षों के बीच हुई आपसी फायरिंग में मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 वर्षीय मुकेश कुमार जोशी को गोली लग गई, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
बार के बिल को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, घटना से एक दिन पहले यानी 29 मार्च 2026 की रात कुठालगेट स्थित ZEN-Z बार में कुछ युवक पहुंचे थे। यहां बार बिल कम कराने को लेकर युवकों और बार कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि बार कर्मचारियों ने दूसरे पक्ष के स्कार्पियो वाहन का पिछला शीशा तोड़ दिया।
बताया गया कि इस दौरान आरोपी पक्ष ने बार कर्मियों को देख लेने की धमकी दी और मौके से चला गया।
सुबह फिर आमना-सामना, पीछा और फिर फायरिंग
अगली सुबह 30 मार्च 2026 को करीब 6:50 बजे, बार में काम करने वाले युवक अपने छूटे हुए मोबाइल और चार्जर लेने के लिए बार मालिक की फॉर्च्यूनर कार से बार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के युवकों ने उन्हें पहचान लिया और रोकने के लिए अपनी स्कार्पियो गाड़ी से पीछा करना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, फॉर्च्यूनर को रोकने के प्रयास में स्कार्पियो सवार युवकों ने फायरिंग की। इसके जवाब में फॉर्च्यूनर सवार बार कर्मियों ने भी अपने पास मौजूद देशी तमंचों से जवाबी फायरिंग कर दी। इसी आपसी गोलीबारी के दौरान सड़क पर मॉर्निंग वॉक कर रहे मुकेश कुमार जोशी को गोली लग गई।
मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग की मौत
गोली लगने के बाद मुकेश कुमार जोशी को उनके साथियों ने तत्काल मैक्स अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक तुला अपार्टमेंट, जोहड़ी गांव, राजपुर के निवासी थे।
घटना के बाद मृतक के परिजनों की तहरीर पर थाना राजपुर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
फॉर्च्यूनर पेड़ से टकराई, फिर हुई मारपीट
फायरिंग के दौरान फॉर्च्यूनर वाहन जोहड़ी गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इसके बाद स्कार्पियो सवार आरोपी मौके पर पहुंचे और फॉर्च्यूनर में सवार लोगों के साथ मारपीट की, साथ ही वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
घटना में फॉर्च्यूनर सवार दो युवक घायल हुए, जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए।

रोड रेज की कहानी गढ़ने की कोशिश हुई नाकाम
पुलिस ने शुरुआत में जब फॉर्च्यूनर सवार घायल युवकों के साथियों रोहित कुमार और मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर से पूछताछ की, तो उन्होंने इसे सामान्य रोड रेज की घटना बताया।
लेकिन पुलिस को बयान संदिग्ध लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने कबूल किया कि यह घटना दरअसल बार में हुए पुराने विवाद का नतीजा थी और उन्होंने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे रोड रेज बताने की कोशिश की थी।
दो तमंचे, कारतूस और स्कार्पियो बरामद
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर जोहड़ी गांव के पास झाड़ियों से घटना में इस्तेमाल किए गए:
- 02 देसी तमंचे (315 बोर)
- 04 जिंदा कारतूस
- 02 खोखा कारतूस
बरामद किए।
इसके अलावा, घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की स्कार्पियो को डोईवाला क्षेत्र के थानो रोड स्थित जंगल से बरामद किया गया।
ZEN-Z बार सील, लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी गई
जांच में सामने आया कि फॉर्च्यूनर सवार युवकों को घटना में इस्तेमाल किए गए तमंचे ZEN-Z बार के संचालक संदीप कुमार ने उपलब्ध कराए थे। इसके बाद पुलिस ने बार संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया।
साथ ही, पुलिस ने ZEN-Z बार को बंद कर सील कर दिया है और उसके लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी देहरादून को रिपोर्ट भेज दी है।
अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार, 4 फरार
पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- रोहित कुमार पुत्र राकेश कुमार, निवासी मोहन गार्डन, उत्तम नगर, दिल्ली
- मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर पुत्र मोहम्मद सगीर, निवासी बेहलोता, थाना मोरकाही, जिला खगरिया, बिहार
- संदीप कुमार पुत्र जगदीश सिंह, निवासी अमर कॉलोनी, मुंडका, नागलोई, पश्चिमी दिल्ली (बार संचालक)
- आदित्य चौधरी पुत्र अंकुर चौधरी, निवासी ननूरखेड़ा, नालापानी, रायपुर
वहीं, पुलिस अभी भी निम्न फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है:
- शांतनु त्यागी
- कविश त्यागी
- समीर चौधरी
- वैभव
इन धाराओं में बढ़ाई गई कार्रवाई
पुलिस ने बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले में पहले से दर्ज मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए कार्रवाई को और सख्त किया है। अब मामले में बीएनएस की धारा 3/5/125 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 भी बढ़ाई गई हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खुला पूरा मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर कई पुलिस टीमें गठित की गईं। पूरे जनपद में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कम समय में मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

