देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद देहरादून जनपद में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। देहरादून पुलिस की इस कार्रवाई में पिछले 72 घंटों के भीतर बड़ी सफलता हाथ लगी है।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों में पुलिस ने 60 से अधिक वारंटी, वांछित और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत करना और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करना है।
पुलिस ने केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि ड्रंकन ड्राइविंग और रैश ड्राइविंग के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान के तहत 200 से ज्यादा वाहनों को सीज किया गया है, जबकि 1000 से अधिक चालान काटे गए हैं। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाह वाहन चालकों पर लगातार सख्ती जारी रहेगी।
शहर की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत करने के लिए देहरादून पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के 50 से ज्यादा पब, रेस्टोरेंट और होटलों के CCTV कैमरों का सीधा एक्सेस पुलिस के पास है। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल निगरानी रखने और आपराधिक घटनाओं की त्वरित जांच में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, प्राइवेट पीजी और कॉलेजों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन इन संस्थानों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहा है, ताकि छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘गौरा शक्ति’ और ‘महिला चीता पुलिसिंग’ के माध्यम से सुबह की पेट्रोलिंग को और सशक्त किया जाएगा। विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।
देहरादून पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक सतत कार्रवाई है। पुलिस का लक्ष्य देहरादून को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और अपराध मुक्त शहर बनाना है।

