देहरादून। उत्तराखंड में कल से शुरू होने जा रही बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रदेश के लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सतपाल महाराज ने बताया कि पीडब्ल्यूडी (PWD), सिंचाई और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर यात्रा मार्गों की सड़कों की विस्तृत समीक्षा की गई है। खासतौर पर डबराड़ी और भटवाड़ी क्षेत्रों में सिल्ट के कारण बढ़ते जलस्तर और सड़क कटाव को देखते हुए चैनललाइजेशन के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।
मंत्री ने जानकारी दी कि एक्सीडेंट प्रोन एरिया और ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उनकी मैपिंग की गई है। इन स्थानों पर जीपीएस आधारित मशीनरी तैनात की गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल पंप और होटलों में निशुल्क शौचालय और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए ‘फ्री डब्ल्यूसी’ (Free WC) के साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को आसानी से सुविधाएं मिल सकें।
इसके अलावा, सतपाल महाराज ने एक बड़ी राहत देते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के चलते अब पेट्रोल, गैस और अन्य फॉसिल फ्यूल की कोई कमी नहीं होगी, जिससे यात्रा के दौरान परिवहन व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी।
सरकार का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया गया है।

