Tuesday, May 26, 2026
Google search engine
Homeउत्तराखंडदेवभूमि के वीरों ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा, मेजर अखिलेश भट्ट के...

देवभूमि के वीरों ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा, मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में NSG ने रचा इतिहास

देवभूमि उत्तराखंड ने एक बार फिर दुनिया को अपने साहस, अनुशासन और जज्बे का परिचय दिया है। देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की 16 सदस्यीय टीम ने 23 मई 2026 को नेपाल समयानुसार सुबह 3:26 बजे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट 8,848.86 मीटर पर सफल आरोहण कर इतिहास रच दिया। खास बात यह रही कि टीम ने काठमांडू से मात्र 20 दिनों के भीतर एवरेस्ट शिखर तक पहुंचकर एक दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम किया।

इस ऐतिहासिक अभियान का नेतृत्व इंद्रापुर, देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट ने किया, जो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे श्री दिनेश प्रसाद भट्ट के पुत्र हैं। उनके नेतृत्व और रणनीति ने पूरे अभियान को सफलता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

अभियान में उत्तराखंड के कई वीर जवान शामिल रहे। Expedition Deputy Leader के रूप में पौड़ी गढ़वाल के ग्राम कंडाई निवासी सूबेदार सुरेश कुमार बेबनी ने जिम्मेदारी निभाई। वे श्री शंभू प्रसाद बेबनी के पुत्र हैं। इसके अलावा चमोली के ग्राम सेरा निवासी नायक राहुल सिंह, अल्मोड़ा के ग्राम ल्वेशाल निवासी नायक पंकज सिंह दोसाद और उत्तरकाशी के कमांडो गौतम बुटोला भी इस गौरवपूर्ण मिशन का हिस्सा रहे।

एवरेस्ट विजय की यह कहानी केवल एक पर्वतारोहण अभियान नहीं, बल्कि महीनों की कठोर तैयारी, सैन्य अनुशासन और अदम्य साहस का परिणाम है। अक्टूबर 2025 में मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में टीम ने गढ़वाल हिमालय स्थित माउंट सतोपंथ 7075 मीटर का सफल आरोहण किया था। इसके बाद टीम ने लाहौल-स्पीति में डोगरा स्काउट्स के साथ कठिन शीतकालीन बर्फ प्रशिक्षण प्राप्त किया और माउंट कानामो 5975 मीटर को भी फतह किया।

NSG प्रवक्ता के अनुसार यह मिशन बल के ध्येय वाक्य “सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा” का जीवंत उदाहरण है। विषम परिस्थितियों में भी टीम ने जिस धैर्य, तकनीकी दक्षता और समर्पण का परिचय दिया, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।

इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पहाड़ों की कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े उत्तराखंड के युवाओं में अद्भुत सहनशक्ति और नेतृत्व क्षमता होती है। मेजर अखिलेश भट्ट और उनकी टीम ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराकर न केवल NSG बल्कि पूरे देश और देवभूमि उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।

उत्तराखंड सरकार सहित देशभर के लोगों ने इन वीर सपूतों को सलाम किया है। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और युवाओं को यह संदेश देगा कि अनुशासन, मेहनत और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

https://www.youtube.com/0vQxV_ynKyc

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!