
केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग और उनके शिष्य की संपत्तियों की हो जाँच – पूर्व पुजारी केदारनाथ मंदिर
देहरादून : केदारनाथ मंदिर के वर्तमान रावल और मंदिर समिति एक बार फिर विवाद में घिरती हुई नजर आ रही है । मंदिर के पूर्व पुजारी शांतिवीर लिंग ने वर्तमान रावल भीमाशंकर लिंग पर गंभीर आरोप लगते हुए नियमों के विरुद्ध जाते हुए अपने शिष्य शांतिलिंग शिवाचार्य को केदारनाथ मंदिर और अपना उत्तराधिकारी घोषित करने को समिति के नियमों के विरुद्ध बताया है । उन्होंने कहा कि केदारनाथ में द्वापर-युग से लेकर अब तक उत्तराधिकारी घोषित करने की कोई पद्धति नहीं है और बद्री केदार मंदिर समिति ही नए रावल का चयन करती है लेकिन केदारनाथ के वर्तमान रावल भीमाशंकर लिंग ने नियमों के विरुद्ध जाकर अपने शिष्य शांतिलिंग शिवाचार्य को नांदेड़ में केदारनाथ मंदिर घोषित कर दिया है और उनके शिष्य शांतिलिंग शिवाचार्य स्वयं को केदारनाथ का उत्तराधिकारी बताकर अनैतिक तरीक़े से धन भी जुटा रहे हैं।पूर्व पुजारी शांतिवीर लिंग ने वर्तमान रावल भीमाशंकर लिंग पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा वर्तमान रावल जब उत्तराधिकारी घोषित हुए थे तब उन्होंने लिखित में दिया था कि दक्षिण भारत से आने वाला दान मंदिर समिति में जमा किया जाएगा लेकिन केदारनाथ में भीषण आपदा में भी उन्होंने दक्षिण भारत से मिलने वाले दान का एक अंश भी मंदिर समिति को नहीं दिया बल्कि वर्तमान रावल और उनका शिष्या दक्षिण केदार के नाम पर धन और संपत्ति अर्जित कर रहे हैं । कहा कि जाँच समिति दक्षिण में जाकर वर्तमान रावल भीमाशंकर लिंग और उनके शिष्य के संपत्ति की जाँच करे ।
इस पूरे प्रकरण में फ़िलहाल नैनीताल हाईकोर्ट ने बदरी केदार मंदिर समिति से जवाब मांगा है ।
बाइट – शांतिवीर लिंग,भूतपूर्व पुजारी केदारनाथ मंदिर
बाइट – चन्द्रशेखर हीरामठ,अधिवक्ता,कर्नाटक हाईकोर्ट

