Tuesday, June 2, 2026
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नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए शिक्षण संस्थानों में होगी ड्रग्स टेस्टिंग और संवेदनशील क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग

देहरादून : जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने, नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने और युवाओं को इसके चंगुल से बचाने के लिए सभी विभागों को मिलकर निर्णायक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिले के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को नारकोटिक्स समिति से जोड़ने और नशे के दुष्प्रभावों को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने दवा फैक्ट्रियों व मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने और सभी मेडिकल स्टोरों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा। युवाओं की सुरक्षा के लिए सभी उप जिलाधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर सरकारी व निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बड़े स्तर पर ड्रग्स टेस्टिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
नशे के अवैध कारोबार में लिप्त पैडलरों और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जीआईएस टैगिंग की जाएगी। साथ ही, शिक्षण संस्थानों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और वहां गठित एंटी ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे की शिकायत के लिए जारी मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 और मानस पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव तक जागरूकता फैलाई जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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