धामी कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों पर मुहर, सहकारिता नीति से अडानी पावर प्लांट तक कई बड़े फैसले

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस वार्ता में फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट ने सहकारिता विभाग की उत्तराखंड राज्य सहकारी नीति 2026 को मंजूरी दी, जिसमें राज्य में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए 7 मिशन निर्धारित किए गए हैं। कार्मिक विभाग में लेवल 15 और 16 के वेतन नियमावली में आंशिक संशोधन किया गया।
परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी मिली। सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में छूट जारी रहेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों को दी गई राहत वापस ले ली गई है। सरकार अन्य राज्यों की नई ईवी पॉलिसी का भी अध्ययन करेगी।
ऊर्जा विभाग में यूपीसीएल के 1320 मेगावाट कोयला आधारित पावर प्लांट को 25 साल के लिए अडानी पावर को सौंपा गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन के गठन को मंजूरी मिली। यह निगम दवाएं, सर्जिकल सामग्री, रसायन और उपकरणों की खरीद करेगा। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की हरिद्वार शाखा के लिए एक एकड़ भूमि आवंटित की गई। ऋषिकेश में अंत्योदय फाउंडेशन के कैंसर इंस्टिट्यूट का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ।
उच्च शिक्षा में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को मंजूरी दी गई। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों के लिए मंजूरी दी गई। राजस्व विभाग की उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को मंजूरी मिली, जिसमें अब ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी क्षेत्र भी शामिल होंगे।
वित्त विभाग में उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए लोकायुक्त कमेटी 2026 के गठन को मंजूरी दी गई। कृषि विभाग में उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का समायोजन अन्य विभागों में किया जाएगा। इन्हें उधमसिंह नगर व निकटतम जनपद में भेजा जाएगा।
सैनिक कल्याण विभाग में उपनल कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ तीन चरण में मिलेगा। पहला चरण 9 नवंबर से लागू होगा। 2018 तक के कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। 1 जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मियों को महंगाई भत्ता भी मिलेगा। इसके लिए शासन स्तर पर समिति बनेगी। सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए 6 पदों के साथ समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा।
रिस्पना के किनारे काठ बंगला में बनी 116 आवासीय मलिन बस्ती के लिए सरकार ने 10 प्रतिशत राशि खुद वहन करने का निर्णय लिया। पहले यह राशि लाभार्थियों को देनी थी। कैबिनेट ने बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने और पुनर्निर्माण के लिए विभाग को निर्देशित किया। मौसम साफ होते ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर काम कराया जाएगा।