
देहरादून: डिजिटल मीडिया क्षेत्र से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर सक्रिय स्वतंत्र पत्रकारों ने राजधानी देहरादून में एक अहम बैठक आयोजित की। यह बैठक 27 मई को हुई, जिसमें राज्यभर से डिजिटल पत्रकारों ने भाग लिया और केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही नई डिजिटल मीडिया नीति पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक का उद्देश्य न केवल नीति की समीक्षा करना था, बल्कि इसमें पत्रकारों द्वारा अपनी आपत्तियां और सुझाव भी दर्ज कराए गए। पत्रकारों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि डिजिटल मीडिया अब पत्रकारिता का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, और यह नीति उन्हें पहचान और सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने का अवसर देगी।
बैठक के दौरान पत्रकारों ने इस बात पर बल दिया कि कंटेंट क्रिएटर और पत्रकारों के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए। सभी की सहमति से यह प्रस्ताव सामने आया कि पत्रकारों का पंजीकरण जिला सूचना विभाग के माध्यम से और एलआईयू (LIU) जांच के बाद ही किया जाए।
इसके साथ ही, नीति में शामिल उस प्रावधान पर भी सवाल उठे जिसमें डिजिटल पत्रकारों के लिए एक लाख या उससे अधिक फॉलोअर्स/सब्सक्राइबर्स की अनिवार्यता रखी गई है। पत्रकारों का कहना था कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में इस प्रकार के आंकड़े प्राप्त कर पाना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए इस सीमा को यथोचित रूप से संशोधित किया जाना चाहिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डिजिटल मीडिया पत्रकारों की एक यूनियन बनाई जाएगी, ताकि पत्रकारों के हितों की बेहतर तरीके से रक्षा की जा सके। इसके लिए शीघ्र कार्यवाही करने पर सहमति बनी।
वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि डिजिटल मीडिया में कार्यरत पत्रकारों को भी प्रिंट और टेलीविज़न पत्रकारों की तरह सरकारी प्रावधानों का लाभ मिलेगा। मंत्रालय द्वारा एक तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित किया गया है, जो डिजिटल मीडिया की आचार संहिता के उल्लंघन से निपटेगा।
हालांकि, कुछ पत्रकारों ने नीति की पारदर्शिता और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं भी जाहिर कीं। फिर भी अधिकांश पत्रकारों का मानना है कि यह नीति डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नया युग लेकर आएगी और स्वतंत्र पत्रकारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी, जिससे वे और अधिक निर्भीक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता कर सकेंगे।
इस बैठक में दीपक कैंतुरा, मोहन कैंतुरा, पहाड़ी शहजाद अली, दीप मैठाणी, मनु पंवार, मनवर रावत, अफ़रोज़ खां, हरीश पंवार, अजय नौटियाल, शिववर्धन सिंह समेत कई पत्रकार शामिल हुए।

