
देहरादून, 6 जुलाई 2025: उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने देहरादून के डोईवाला क्षेत्र के कुड़कावाला में एक नाबालिग कूड़ा बीनने वाली किशोरी की संदिग्ध मौत के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को त्वरित और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह दुखद घटना कल, 5 जुलाई की शाम को सुसवा नदी के पास स्थित एक क्रेशर में हुई थी, जहां नाबालिग किशोरी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल डोईवाला एसओ से फोन पर बात कर सभी संदिग्धों को जांच के दायरे में लाने के निर्देश दिए थे।
आज, कुसुम कंडवाल ने घटनास्थल, सुसवा नदी किनारे स्थित क्रेशर का दौरा किया और फिर डोईवाला थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी से फोन पर बात करते हुए मामले की गंभीरता पर जोर दिया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। कंडवाल ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि किसी भी बच्ची या किशोरी को इस प्रकार बंधक बनाना भी एक गंभीर विषय है और इसमें किसी अन्य साजिश की संभावना की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला अत्यंत दुखद है और किशोरी द्वारा ऐसा दर्दनाक कदम उठाना बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिस को मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के लिए कहा। साथ ही, उन्होंने मृतक किशोरी की पोस्टमार्टम/मेडिकल रिपोर्ट और घटना स्थल की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया।
राज्य महिला आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह पुलिस अधिकारियों से जांच संबंधी रिपोर्ट मांगेगा। आयोग ने दोहराया कि वह किसी भी किशोरी या युवती के साथ होने वाली गलत दुर्घटनाओं या जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
कुसुम कंडवाल ने देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल से भी फोन पर बात की और उन्हें इस घटना पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा, ताकि कोई भी मामले या उसकी जांच को प्रभावित न कर सके।
इस दौरान राजेंद्र तड़ियाल सहित अन्य सामाजिक लोग भी उपस्थित रहे।