कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरी बार पत्र लिखकर, यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे निलंबित जेडी (एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग की। इसी बीच, विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रज्वल का पासपोर्ट रद्द करने का अनुरोध प्रक्रिया में है।

उधर, पूर्व प्रधानमंत्री और प्रज्वल के दादा देवे गौड़ा ने अपने पोते को कड़ी चेतावनी दी, और उसे घर आकर कानूनी तरीके से मामले का सामना करने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर प्रज्वल ने ऐसा नहीं किया, तो उसे परिवार के सदस्यों के गुस्से और अलगाव का सामना करना पड़ेगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री के प्रधानमंत्री को लिखे गए दूसरे पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रज्वल का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की एक प्रक्रिया है, और केंद्र सरकार उसे वापस लाने में सहयोग करने के लिए तैयार है।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और यह देखना बाकी है कि प्रज्वल रेवन्ना किस प्रकार इस चुनौती का सामना करेंगे।

