ऋषिकेश: महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दुष्कर्म पीड़िता व परिजनों से की मुलाकात, सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन

ऋषिकेश, 11 जून – ऋषिकेश में एक नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म की घटना का राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने आज पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उनका और पीड़िता का हाल जाना। इस मौके पर उनके साथ पार्षद सुरेन्द्र सिंह नेगी भी उपस्थित रहे।
परिजनों ने महिला आयोग अध्यक्ष को बताया कि आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपनी बातों में फंसाया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। ऋषिकेश पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अपराध में संलिप्त दो आरोपी युवकों को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है।
इस गंभीर मामले पर आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने एसपी देहात जया बलूनी से फोन पर विस्तृत वार्ता की। उन्होंने ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे बाहरी लोगों के सत्यापन और जांच के लिए एक सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। कण्डवाल ने जोर देकर कहा कि ऐसे संदिग्धों पर कड़ी कार्रवाई की जाए जो बाहर से आकर शहर और समाज का माहौल खराब कर रहे हैं और नाबालिगों को अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, महिला आयोग अध्यक्ष ने रायवाला थाना क्षेत्र अंतर्गत संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हुई नाबालिग के मामले में भी एसपी देहात जया बलूनी और एसओ डोईवाला को आरोपी के विरुद्ध कठोरतम और कड़ी कार्रवाई करने तथा पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मामले में रायवाला निवासी एक युवक डोईवाला क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। पुलिस ने नाबालिग को गाजियाबाद से बरामद कर लिया है और उक्त युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
इस अवसर पर, आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने समाज के लोगों से भी मार्मिक अपील की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की निरंतर निगरानी करनी चाहिए, क्योंकि नाबालिग बच्चे नासमझ होते हैं और कभी-कभी किसी के बहकावे में आने का खतरा होता है, जिसका फायदा आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति उठाते हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि अपने बच्चों की मॉनिटरिंग की जाए, उनके सोशल मीडिया कनेक्शन, उनके दोस्त और संपर्क इत्यादि की जानकारी लेनी चाहिए। साथ ही उन्हें गुड टच व बैड टच की जानकारी अवश्य दें, ताकि वे किसी अपराध का शिकार होने से बच सकें।”

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