उत्तराखंड में पीजीआई रैंकिंग सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन

देहरादून, 3 सितंबर 2025: उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा में पीजीआई (प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक) रैंकिंग में सुधार के लिए राज्य स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति का उद्देश्य रैंकिंग के लिए निर्धारित सूचकांकों में सुधार हेतु ठोस कार्य योजना तैयार करना और उनका मूल्यांकन करना है।

ब्लॉक स्तर पर यू-डायस (UDISE) की मॉनिटरिंग के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल नामित किया गया है, जो प्रत्येक सप्ताह यू-डायस के आंकड़ों की समीक्षा करेंगे और उनकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करेंगे।

विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित 12 सदस्यीय समिति में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक प्राथमिक शिक्षा, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा, मुख्य शिक्षा अधिकारी, और विभिन्न उप-निदेशक व प्राचार्य शामिल हैं। समिति से प्राप्त सुझावों को मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।

पीजीआई रैंकिंग के लिए कुल 6 डोमेन और 72 सूचकांक निर्धारित हैं, जिनके तहत कुल 1000 अंकों में रैंकिंग का निर्धारण होता है। वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड ने 1000 में से 526.30 अंक प्राप्त किए थे। अब विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए 615 अंक और 2026-27 के लिए 650 अंक का लक्ष्य रखा है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, “पीजीआई रैंकिंग प्रत्येक वर्ष राज्य की विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता का आंकलन करती है। सही आंकड़ों के अंकित होने से राज्य को बेहतर रैंकिंग हासिल होगी। इसी उद्देश्य के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड को शीर्ष राज्यों में शामिल किया जा सके।

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