
देहरादून। पुरुष यूपीएल सीजन-2 का फाइनल मुकाबला केवल क्रिकेट तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उत्तराखंड की समृद्ध लोक कला और संस्कृति के नाम भी रहा। मैच की पहली पारी समाप्त होने के बाद ब्रेक टाइम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पाँडवाज बैंड की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उत्तराखंड के इस प्रसिद्ध बैंड ने अपने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर लोकगीतों की सुंदर छटा बिखेरते हुए समां बांध दिया। पाँडवाज बैंड ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुति की शुरुआत ‘द्वी मन तोली’ गीत से की। इसके बाद एक से बढ़कर एक लोकप्रिय लोकगीत प्रस्तुत किए, जिसने स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।
बैंड ने ‘हे भान पानोली तिलै धार बोला’, ‘ऊंचा कैलाष’, ‘कन नाचणू लागी मेरी डांडू की आछरी’, ‘दैणा ह्वेजा मेरा पंचनामा देवता’, ‘राधा’, ‘हे बासू बासू’, ‘तेरा मैता का देषा’, और ‘तू दिखदी मेरी गजना’ जैसे मनमोहक गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। अंत में, जागर की सुंदर प्रस्तुति ने दर्शकों को ऊर्जा से भर दिया। दर्शकों की फरमाइशों पर भी कई गीत प्रस्तुत किए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि स्थानीय संगीत का जादू हर किसी के सिर चढ़कर बोला।
बादशाह और नोरा फतेही के गीतों का भी चला जादू
देर रात तक चले इस फिनाले में बॉलीवुड के स्टार रैपर बादशाह और सिंगर नोरा फतेही के गीतों का भी जबरदस्त जादू चला। शाम करीब 9 बजे नोरा फतेही ने ‘ओ साथी साथी साथी’, ‘तेरी नजर लग न जाए’, ‘प्यार दो प्यार लो’ जैसे गीतों पर शानदार नृत्य कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
इसके बाद रैपर बादशाह ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुति से स्टेडियम को शोर से गुंजा दिया। उन्होंने ‘ये लड़की पागल है’, ‘शूट पटियाला’, और ‘लड़की ब्यूटीफुल कर गई चुल’ जैसे हिट रैप गीतों पर प्रस्तुति दी। बादशाह ने अपने गीतों के बीच-बीच में दर्शकों से कनेक्ट होकर उनमें जबरदस्त उत्साह भर दिया। देर रात तक चली इन प्रस्तुतियों पर खासकर युवा दर्शक जमकर झूमे।

