
देहरादून | 14 अप्रैल, 2026
उत्तराखंड टेबल टेनिस में अंदरूनी कलह और पक्षपात के गंभीर आरोप अब सार्वजनिक हो गए हैं। उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश के टेबल टेनिस खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन (UTTA) के शीर्ष पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए ‘टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (TTFI) को शिकायती पत्र भेजकर वर्तमान कार्यकारिणी को तत्काल भंग करने की मांग की है।
प्रमुख आरोप: बड़े शहरों का बोलबाला, पहाड़ी प्रतिभाओं की अनदेखी
शिकायतकर्ताओं का मुख्य आरोप है कि एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष और सचिव केवल बड़े शहरों की महंगी अकादमियों और अपने चहेतों को लाभ पहुँचा रहे हैं। प्रेस वार्ता में साझा किए गए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- क्षेत्रीय भेदभाव: सीमांत पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले उभरते खिलाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
- अनुचित दबाव: ग्रामीण खिलाड़ियों को डराने-धमकाने, मैचों में जानबूझकर गलत ‘ड्रॉ’ निकालने और अंपायरों के माध्यम से मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।
- आर्थिक शोषण: खिलाड़ियों ने ‘एडिशनल एंट्री’ के नाम पर अवैध वसूली और आर्थिक शोषण की बात भी उठाई है।
- गिरता स्तर: आरोप है कि पक्षपातपूर्ण चयन के कारण ही उत्तराखंड की टीमें सीनियर नेशनल स्तर पर पहले चरण में ही बाहर हो रही हैं।
तारीखों का टकराव: खिलाड़ियों के भविष्य पर संकट
प्रेस वार्ता में सबसे गंभीर मुद्दा 69वें नेशनल स्कूल गेम्स और यूटीटी इंटर स्टेट जूनियर नेशनल चैंपियनशिप की तारीखों के टकराव को लेकर उठा।
प्रेस वार्ता में कोच विजय कुमार, अभिभावक पुष्पा देवी, रविंद्रि देवी समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि TTFI ने जल्द ही हस्तक्षेप कर न्याय नहीं दिया, तो वे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने और न्याय के लिए माननीय न्यायालय की शरण में जाने के लिए बाध्य होंगे।
वर्तमान में इस पूरे प्रकरण पर उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है। खेल गलियारों में इस विवाद ने राज्य में खेल प्रशासन की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
“एक खिलाड़ी एक ही समय में दो अलग-अलग जगहों पर कैसे खेल सकता है? दिल्ली में होने वाले स्कूल गेम्स (16-22 अप्रैल) और एसोसिएशन की अपनी चैंपियनशिप (15-23 अप्रैल) की तारीखें एक साथ रखकर बच्चों को मानसिक दबाव में डाला जा रहा है।” – एक व्यथित अभिभावक
TTFI से की गई तीन मुख्य मांगें
खिलाड़ियों और अभिभावकों ने अपनी शिकायतों के निवारण हेतु राष्ट्रीय महासंघ के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं:
- UTTA को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।
- वर्तमान अध्यक्ष और सचिव को पदमुक्त किया जाए।
- खेल प्रेमियों और निष्पक्ष विशेषज्ञों के साथ नई कार्यकारिणी का गठन हो।
कोर्ट जाने की चेतावनी


