उत्तरप्रदेश के बाद अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सीएम धामी ने बीते दिनों अपने एक बयान के ज़रिये स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी, और कानून व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं है। वहीं उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। शम्स ने कहा सड़क पर नमाज पढ़ना जायज नहीं है क्योंकि इबादत के भी नियम होते हैं। उन्होने कहा अगर नमाज़ के दौरान एंबुलेंस जैसी आपात सेवा रुकती है या लोगों को परेशानी होती है तो नमाज कबूल नहीं होती, उल्टा गुनाह कहलाया जाता है। उन्होंने बताया कि ईद की नमाज दो शिफ्ट में कराये जाने का फैसला लिया गया है ताकि सड़क जाम न हो। शम्स ने बताया कि एक अच्छे मुसलमान के नाते वे इसे जिम्मेदारी से स्वीकार करते हैं। उन्होने कहाँ कि अगर उनके धर्म से दूसरों को दिक्कत है तो वह धर्म नहीं जिद है वही वक्फ बोर्ड इस बयान का पूरी तरह समर्थन करता है।
बाइट – शादाब शम्स, अध्यक्ष, वक़्फ़ बोर्ड उत्तराखंड।

