127 साल बाद बंटवारे की राह पर गोदरेज परिवार का कारोबार

भारत के व्यापारिक इतिहास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, जब देश के प्रसिद्ध और पुराने व्यापारिक घराना, गोदरेज परिवार, अपने कारोबार को दो हिस्सों में विभाजित करने जा रहा है। इस विभाजन के लिए परिवार के सदस्यों के बीच समझौते की रूपरेखा तय हो चुकी है।

127 साल बाद बंटवारे की राह पर गोदरेज परिवार का कारोबार

विभाजन के तहत, एक गुट में 82 वर्षीय आदि गोदरेज और उनके 73 वर्षीय भाई नादिर गोदरेज शामिल होंगे। दूसरे गुट में 75 वर्षीय जमशेद गोदरेज और उनकी बहन स्मिता गोदरेज कृष्णा होंगी।

विभाजन के तहत, आदि गोदरेज और उनके भाई को गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नियंत्रण मिलेगा, जिसमें उनकी पांच सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं। दूसरी ओर, जमशेद गोदरेज और उनकी बहन को गैर-सूचीबद्ध गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का स्वामित्व मिलेगा, जिसमें अन्य कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण संपत्ति भी शामिल है।

यह विभाजन सौहार्दपूर्ण तरीके से हुआ है और दोनों पक्षों ने भविष्य में भी सहयोग जारी रखने की बात कही है। गोदरेज परिवार के 127 साल के गौरवशाली इतिहास में यह विभाजन एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिससे देखना होगा कि दोनों समूह किस तरह से आगे बढ़ते हैं और अपनी सफलता की गाथा लिखते हैं।

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