देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में उर्मिला सनावर द्वारा दिए गए बयान के बाद यह मामला दोबारा सुर्खियों में आया है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी. मुरुगेशन का बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की थी।
डॉ. मुरुगेशन के अनुसार, एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था और घटना में संलिप्त सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्रभावी पैरवी के माध्यम से अभियुक्तों को किसी भी स्तर पर जमानत न मिल सके।
वहीं इस पूरे प्रकरण को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने शुक्रवार को देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचकर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी. मुरुगेशन से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद गणेश गोदियाल ने कहा कि पुलिस द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने सबसे अहम सवाल उठाते हुए कहा कि वनंतरा रिसॉर्ट के जिस कमरे में अंकिता भंडारी रहती थी, उसे किसके आदेश पर तोड़ा गया। गोदियाल ने आरोप लगाया कि उस कमरे में अहम सबूत मौजूद थे और उन्हें नष्ट करने के उद्देश्य से कमरे को तोड़ा गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कमरे को सबूत मिटाने के लिए तोड़ा गया है, तो क्या मुख्यमंत्री यह मान चुके हैं कि सरकार ने सबूत नष्ट करवाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और गर्माने की संभावना जताई जा रही है।

