देहरादून : देहरादून में उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने प्राथमिक शिक्षकों के लिए अनिवार्य टीईटी परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार से राहत की मांग की है। संघ ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश से राज्य के हजारों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। संघ अध्यक्ष सूरज मण्डवाल ने बताया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति उस समय की नियमावली के तहत हुई थी। अब 40 से 55 वर्ष आयु वर्ग के शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य किए जाने से नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
शिक्षक संघ का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अचानक नई शर्तें लागू करना व्यावहारिक नहीं है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि पुराने शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से छूट दी जाए या नियमों में संशोधन कर राहत प्रदान की जाए।
बाइट – सूरज मण्डवाल, अध्यक्ष, उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ

