उत्तराखंड प्रीमियर लीग: मूल निवास सँघर्ष समिति के दबाव में लोककलाकारों को मिला मंच

देहरादून, 20 सितंबर: उत्तराखंड प्रीमियर लीग के फाइनल मैच में लोककलाकारों को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में उतरी मूल निवास भू कानून समन्वय सँघर्ष समिति की चेतावनी के बाद क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड ने अपनी नीति में बदलाव किया है।

समिति के सह संयोजक लूशुन टोडरिया के अनुसार, 22 सितंबर को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाले फाइनल मैच से पहले गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और पाण्डवाज़ ग्रुप का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समिति के संयोजक मोहित डिमरी के नेतृत्व में क्रिकेट एसोसिएशन के कार्यालय में गए थे और लोक कलाकारों को निमंत्रण नहीं दिए जाने पर स्टेडियम में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी।

टोडरिया ने कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन ने समिति की मांग मानते हुए उत्तराखंड के लोक कलाकारों को समापन समारोह में आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि सँघर्ष समिति अब स्टेडियम में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को स्थगित कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि सँघर्ष समिति उत्तराखंड के लोक, संस्कृति, जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी ऐसे आयोजनों का विश्लेषण करेगी। उन्होंने पहाड़ी स्वाभिमान सेना संगठन और देवभूमि युवा संगठन का भी इस मुद्दे पर समर्थन के लिए आभार जताया।

मुख्य बिंदु:

  • मूल निवास भू कानून समन्वय सँघर्ष समिति ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड पर लोक कलाकारों को न बुलाने का आरोप लगाया था।
  • समिति की चेतावनी के बाद क्रिकेट एसोसिएशन ने फाइनल मैच से पहले लोककलाकारों का कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया।
  • सँघर्ष समिति ने अपने विरोध प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है।

यह खबर उत्तराखंड के लोक कलाकारों और संस्कृति के समर्थकों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

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