रिलायंस ज्वैलरी शोरूम लूट में प्रयुक्त कार की फोरेंसिक जांच, सीक्रेट बॉक्स में छुपाते हथियार

उत्तराखंड, देहरादून : राज्य स्थापना दिवस पर राजपुर रोड स्थित रिलायंस ज्वैलरी शोरूम में लूट की घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से अभियुक्तों द्वारा घटना में प्रयुक्त की गई 02 मोटरसाइकिलों व एक आर्टिगा कार को पुलिस द्वारा की सघन चेकिंग के चलते सैलाकुई क्षेत्र में छोड़ दिया गया था। अब तक की जांच में घटना में शामिल गैंग को पुलिस द्वारा चिन्हित कर लिया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि उक्त गैंग के द्वारा पूर्व में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उड़ीसा व अन्य राज्यों में भी इस प्रकार की लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया। उक्त गैंग द्वारा सुनियोजित तरीके से कई महीनो पूर्व ही घटना की प्लानिंग की गई।

रेकी के बाद देते थे घटना को अंजाम

लूट की घटना को अंजाम देने वाला गैंग पहले घटनास्थल की भली भांति रैकी करता, उसके बाद ही घटना को अंजाम दिया जाता। पूर्व में हुई घटनाओं में भी उक्त गैंग द्वारा इसी मोडस ऑपरेंडी से काम करते हुए घटनाओं को अंजाम दिया गया था।

कार के सीक्रेट बॉक्स में छिपाते थे हथियार

अभियुक्तों द्वारा घटना में प्रयुक्त कार की फोरेंसिक जांच में पुलिस टीम को कार के गियर बॉक्स के नीचे से एक सीक्रेट बॉक्स मिला। जिसका नियमित चेकिंग के दौरान पकड़ में आना लगभग असंभव है। अभियुक्तों द्वारा उक्त सीक्रेट बॉक्स को हथियारों को छुपाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

कई माह पूर्व की गई थी प्लानिंग

राजपुर रोड में ज्वेलरी शोरूम में की गई लूट की घटना की प्लानिंग भी उक्त गैंग द्वारा कई महीने पूर्व से की गई थी। जिसके लिए घटना में प्रयुक्त कार को 6 माह पूर्व आगरा से तथा 2 मोटरसाइकिलों को 2 महीने पूर्व गुरुग्राम से चोरी किया गया था। अभियुक्तों को जानकारी थी कि धनतेरस के समय ज्वेलरी शोरूम में काफी भारी मात्रा में ज्वेलरी की सप्लाई की जाएगी तथा गैंग द्वारा धनतेरस से पूर्व के दिन को ही संभवतः इस कारण से घटना के लिए चुना गया था क्योंकि धनतेरस पर शोरूम से अधिकतर ज्वेलरी के बिक जाने की संभावना थी।

राष्ट्रपति दौरे से नहीं कोई संबंध, राजनीतिक मुद्दा न बनाएं

पुलिस का कहना है कि देहरादून स्थित रिलायंस शोरूम की लूट की घटना का तात्कालिक तौर पर राष्ट्रपति के दौरे से कोई संबंध नहीं है। साथ ही अपील भी की गई कि लूट की घटना को राजनीतिक मुद्दा ना बनाएं। पुलिस ने दावा किया है कि उनकी दक्षता किसी भी गैंग को पकड़ने में हासिल है। प्रकरण में राजनीति न होकर हौसला बढ़ाएं। जब गैंग सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहा है तब उनकी गिरफ्तारी में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन उत्तराखंड पुलिस सभी चुनौतियों को स्वीकार कर शीघ्र पर्दाफाश करेगी। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे हैं। उम्मीद है कि किसी अन्य लूट की घटना को अंजाम देने से पूर्व ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!