कपोला की परंपरा, कैमरे पर: माघ मेले से बाल विवाह तक, दो गीतों में गांव की कहानी

कपोला गांव के दिल को छू लेने वाले गीत: माघ महीने की परंपरा और बीते दौर की झलक

प्रसिद्ध कलाकार सुंदर सैलानी ने आज कुथनौर के कपोला गांव में दो संगीत वीडियो की शूटिंग की। इन गीतों में गायक अलेंद्र रावत, सीमा सिमरन और ममता रावत ने अपनी आवाज़ दी है, जबकि संगीत स्वयं सैलानी ने दिया है और छायांकन आशीष तुषार ने किया है। अरविंद द्वारा ड्रोन शॉट्स लिए गए और निर्देशन का ज़िम्मा सैलानी ने खुद संभाला।

पहले गीत में माघ के महीने में महिलाओं की अपने मायके लौटने की परंपरा को दिखाया गया है, जिसे ‘क्लू अरसा’ कहा जाता है। दूसरे वीडियो में बचपन में होने वाली शादी के समय की झलकियाँ दिखाई गई हैं। खास बात यह है कि वीडियो में दिखने वाले सभी चेहरे गाँव के ही हैं, जिन्हें अलेंद्र रावत और सैलानी ने ढूंढा है। शूटिंग के प्रबंधक मनु राणा रहे।

इससे पहले, अलेंद्र और सीमा सिमरन ने मौ में “जाऊं न सौऊरा” नामक एक अन्य संगीत वीडियो की शूटिंग की थी, उसके बाद अलेंद्र रावत और ममता रावत का एक और वीडियो शूट किया गया था, जिसे आशीष तुषार ने शूट किया था और जिसमें अरविंद सिंह द्वारा ड्रोन फुटेज लिया गया था। इन दोनों वीडियो में अलेंद्र रावत ने ही गाया और निर्देशन भी किया था। गौरतलब है कि कपोला गांव मुख्य सड़क से छह किलोमीटर की चढ़ाई पर स्थित है।

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