
देहरादून: स्मार्ट वेंडिंग जोन में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा, मृतकों के नाम पर चल रही दुकानें
देहरादून : राजधानी के 6 नंबर पुलिया स्थित शहर के पहले ‘स्मार्ट वेंडिंग जोन’ में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का एक बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम की जांच में यह खुलासा हुआ है कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर अपात्रों को लाभ पहुँचाया गया और वेंडिंग जोन के आवंटन में भारी धांधली की गई।वहीं स्थानीय पार्षद मेहरबान सिंह भंडारी की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, बुधवार को नगर निगम की टीम ने वेंडिंग जोन का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जाँच में सामने आया कि जोन में कुल 95 दुकानें वैध रूप से आवंटित हैं, लेकिन मौके पर लगभग 40 अतिरिक्त अवैध ठेलियां अवैध तरीक़े से संचालित हो रहे हैं साथ ही जांच में पाया गया कि कई दुकानें आज भी कागजों में मृत व्यक्तियों के नाम पर दर्ज हैं, जबकि धरातल पर उनका संचालन कोई और कर रहा है वहीं नियमों को ताक पर रखते हुए एक ही परिवार के 5-5 सदस्यों को दुकानें आवंटित की गई हैं जबकि कई मूल आवंटियों ने नियम विरुद्ध तरीके से अपनी दुकानें अन्य लोगों को किराए पर दे रखी हैं। स्थानीय पार्षद मेहरबान सिंह भंडारी ने आरोप लगाया कि इस वेंडिंग जोन में वास्तविक जरूरतमंदों को दरकिनार कर रसूखदारों को जगह दी गई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद निगम की टीम हरकत में आई।यह स्मार्ट वेंडिंग जोन के नाम पर सीधा सीधा घोटाला है। अपात्रों का कब्जा और अवैध ठेलियों का संचालन निगम के राजस्व को भी चूना लगा रहा है।
नगर निगम की टीम ने मौके पर मौजूद सभी दुकानदारों के दस्तावेज चेक किए हैं और अवैध रूप से संचालित हो रही ठेलियों को हटाने के निर्देश दिए हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उन सभी आवंटनों को रद्द किया जाएगा जो नियमों के खिलाफ पाए गए हैं। साथ ही, मृत व्यक्तियों के नाम पर चल रही दुकानों को तत्काल प्रभाव से सीज करने की तैयारी की जा रही है।

